बगीचा – सन्ना ✒️ जशपुर विधानसभा क्षेत्र के सबसे संवेदनशील कहे जाने वाले पाठक्षेत्र के निवासी इन दिनों खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं कारण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के द्वारा उन्हें जो सब्जबाग दिखाए गए थे अब लगभग उन सभी ख्वाबों की हकीकत सबको नज़र आ रही है !

बुद्धिजीवी कहते हैं किसी भी क्षेत्र, गांव या शहर की तरक्की, उन्नति में हमेशा उस जगह को दुसरे जगहों से जोड़ने वाली सड़कों या मार्गों की मुख्य भूमिका होती है !
पर जहां सड़क ही ना बची हो उस क्षेत्र की उन्नति तरक्की कैसे सम्भव हो ये बात समझ से परे हैं !
जानकारी के साथ ही मैं कुछ तस्वीरें आप लोगों से साझा कर रहा हूं, आप तस्वीरों का अवलोकन किजीए और फिर निर्णय लिजीए सरकार के प्रति क्षेत्र के निवासियों की नाराज़गी जायज़ है या नहीं !

तस्वीरें हैं बगीचा को सन्ना पाठक्षेत्र से जोड़ने वाली सबसे नजदीकी सड़क “राजपुरी रोड” की, ये वही मार्ग है जिसमें सफ़र कर सैकड़ों गांवों के लोग अपने विकासखण्ड मुख्यालय पहुंचते हैं ! ऐसा नहीं है कि प्रदेश सरकार ने आंखें बंद कर रखी है, सरकार ने करोड़ों रुपए दिए हैं इस रास्ते को बनाने के लिए, लगभग डेढ़ साल पहले ही करोड़ों रुपए के लागत से बनने वाली इस सड़क का जशपुर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक विनय भगत जी के द्वारा सन्ना के “वाहन विराम स्थल” में पंडाल के नीचे पण्डित जी के मंत्रोचारण के संग विधिवत पूजा अर्चना कर भुमिपुजन कर कार्य प्रारंभ की घोषणा की गई थी ! भुमिपुजन के पश्चात संबंधित ठेकेदार के द्वारा बड़े जोर शोर से सड़क निर्माण के कार्य की शुरुआत की गई, आवागमन में सहायक मार्ग को धड्डले से उखाड़ दिया गया और फिर अचानक ही कार्य बंद कर दिया गया ! लगे लगे बरसात की शुरुआत हो गई और कामगारों को काम बंद रखने का बहाना मिल गया,, कुछ दिनों तक तो लोग कलेजे में पत्थर रखकर इस मार्ग पर सफर करते रहे, छोटी मोटी दुर्घटनाएं होती रहीं कभी मोटरसाइकिल से गिरकर किसी का घुटना चटका तो किसी का सर फुटा पर बरसात के गहराते ही परिस्थितियां बद से बद्तर हो गई, सड़कें गढ्ढों पर तैरने लगी और आने जाने वाले लोग जगह देख देखकर छलांगें लगाने लगे !

बार बार ग्रामीणों के द्वारा हर स्तर पर मांग करी जाने लगी की सड़क को जल्द सुधारा जाए किन्तु संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, या ठेकेदार के कानों में जूं तक नहीं रेंगी !
बहरहाल विधानसभा चुनाव का समय धिरे धिरे आता जा रहा है आम जनता चौक चौराहों पर आपस में विचार-विमर्श करना प्रारंभ कर चुकी है, भाजपा सरकार और कांग्रेस सरकार के कार्यों की समीक्षा ज़मीनी स्तर पर शुरू हो चुकी !

चुनावी संगोष्ठी में शामिल लोगों के अनुसार विकास कार्यों के मामले में कांग्रेस सरकार आगे कहलाती परंतु ख़राब सड़कों को लेकर पिछड़ती नज़र आ रही है ! खैर अभी भी वक्त है वर्तमान पदाधिकारियों के पास समय रहते अपने किए वादों को पूरा कर जनता जनार्दन के दिलों में धुमिल पड़ती अपनी छवि को पुनः ताज़ा तरीन करने का !








