युं तो जशपुर को पुरा प्रदेश “जुदेव नगरी” के रूप में जानता है क्योंकि सम्पूर्ण भारतवर्ष में धर्मांतरण के विरुद्ध अलख जगाने वाले हिन्दू कुल तीलक जन जन के नायक श्रद्धेय स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव की जन्मस्थली है जशपुर नगर !
अब जशपुर जिले की खुशनसीबी तो देखिए कैसे “युगपुरुष स्व.जुदेव” की देन आज प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय का गृह जिला होने का सौभाग्य भी मिला है !
वैसे और भी कई उपलब्धियां हैं जशपुर जिले के नाम, पर जशपुर के चमकदार नाम पर गाहे बगाहे बेढंगा धाग छोड़ जाता है यहां का भ्रष्टाचारी भुत !
बहरहाल बात करते हैं मुद्दे की और आज का मुद्दा है कि क्या ग्राम पंचायतों में सरपंच से भी उपर सचिव का अधिकार है ?

सबसे पहले तो आपको बता दूं कि जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड मुख्यालय अन्तर्गत तहसील मुख्यालय सन्ना से लगभग 05 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ग्राम पंचायत “लोरो” ! ग्राम पंचायत लोरो पहले भी कई मर्तबा पंचायत सचिव के कर्मो के कारण प्रदेश भर में सुर्खियां बटोर चुका है पर तब सचिव के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीण थे और आज सचिव के विरुद्ध इंसाफ की मांग करने वाला स्वयं ग्राम पंचायत का सरपंच है !
ज्ञातव्य हो कि ग्राम पंचायत लोरो के सरपंच श्री वासुदेव जी एवं ग्राम पंचायत लोरो के ग्रामीणों ने कल दिनांक 04/03/024 दिन सोमवार को जिले के यशस्वी कलेक्टर महोदय डॉ रवि मित्तल जी को ग्राम पंचायत लोरो सचिव मंगतु राम के विरुद्ध लिखित आवेदन के रूप में शिकायत पत्र दिया है जिसमें उन्होंने सचिव मंगतु राम के कृत्यों को लिखकर कलेक्टर महोदय से न्याय की मांग की है !
सरपंच और ग्रामीणों के द्वारा लिखित आवेदन में बताया गया है कि सचिव मंगतू राम भगत वर्ष 2021 से ग्राम पंचायत लोरो में पदस्थ है और आदतन नशेड़ी है जिसके कारण वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल जशपुर से छात्राओं के साथ वापस लौटते वक्त सोगड़ा में सरेआम शराब का सेवन करने के कारण ग्राम पंचायत लोरो से निलंबित किया गया था किंतु अपने राजनैतिक रसूख के चलते बहाल होकर पुनः यहीं पदस्थ है, जिस कारण उसका मनमानी, फर्जीवाड़ा करने का मनोबल बढ़ गया है !
उसके द्वारा मूलभूत योजनाओं की राशि से आगे की जानकारी नहीं दी जाती है तथा प्रपंच कर सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरण भुगतान कर देता है !
सचिव के द्वारा महतारी वंदन योजना के नाम पर रूपन राम पंच के नाम पर 23000 रुपए का चेक काटकर सरपंच को दबाव देकर हस्ताक्षर कराकर फर्जीवाड़ा किया गया है !
मनरेगा अंतर्गत सचिव मंगतू राम भगत के द्वारा वर्ष 2023/024 में स्वीकृत द्वितीय श्रेणी सड़क निर्माण चुरिल कोना से ठठलू बस्ती तक कार्य में मुरम ढुलाई के नाम पर सचिव के द्वारा फर्जी बिल ब्रिक्स इंडस्ट्रीज सन्ना के नाम पर सरपंच से कोरा बिल (पांच पन्ना) में दबाव डालकर धमकी देकर हस्ताक्षर कराया गया है, जबकि निर्माण स्थल में मुरूम उपलब्ध है तथा कार्य मजदूरों से कराया गया है ! उक्त कार्य का सामग्री राशि भुगतान न करने की भी सरपंच तथा ग्रामीणो के द्वारा मांग की गई है !
कलेक्टर महोदय से की गई शिकायत में बताया गया है कि 15 में वित्त आयोग मध्य सरपंच का डीएससी सचिव अपने पास रखता है तथा फर्जी राशि का आहरण कर भुगतान कर देता है ! 15 वें वित्त आयोग मध्य अंतर्गत वर्ष 2022-23 में दो नग मुर्मी करण के नाम पर डेढ़ डेढ़ लाख यानी कुल 3 लाख का भुगतान किया गया है जबकि उक्त कार्य में मात्र 41000 का कार्य हुआ है !
सरपंच वासुदेव तथा ग्रामीणों ने फर्जी भुगतान की राशि को सचिव मंगतू राम भगत से वसूली कराकर ग्राम पंचायत लोरो के खाते में जमा कराने की जिला कलेक्टर महोदय से मांग की है !
बहरहाल ग्राम पंचायत लोरो के सरपंच ने “देर आए दुरुस्त आए” वाले अंदाज में ग्रामीणों को साथ लेकर अपने जागरूक होने का दम्भ भर दिया है अब देखना होगा कि सचिव के विरुद्ध न्याय की मांग लेकर वो कब तक अडीग खड़ा रह पाता है क्योंकि ये “भ्रष्टाचार का भुत” अच्छे अच्छों को अपने लपेटे में ले लेता है !
और हां जशपुर जिले की पावन धरा का ये कोई एकलौता ग्राम पंचायत नहीं है जहां भ्रष्टाचार का भुत अपनी क्रियाएं कर रहा है ! जशपुर की धरती में विद्यमान ऐसे कई ग्राम पंचायत हैं जहां भ्रष्टाचारी भुत अनवरत अपनी क्रियाएं कर रहा है ! बस इंतजार किजीए उन जगहों के मुखियाओं के जमीर के जागने का !!
( जय हिन्द जय जशपुर जय छत्तीसगढ़)










