वक्त के थपेड़ों के धचके खाते खाते कैसे दिन महीने और साल गुजर जाते हैं पता ही नहीं चल पाता पर कुछ नाम ऐसे होते हैं जिसे मिटाने की चाहत में वक्त भी तारीख बन जाती है !

जी, मैं बात कर रहा हूं एक ऐसे महान व्यक्तित्व की, एक ऐसे दानवीर की, एक ऐसे युगपुरुष की जिन्होंने राजस्थान के रेगिस्तान से लेकर छत्तीसगढ़ के जंगलों तक की दुरी अपने कदमों पर नाप दी और अपने लगन मेहनत और बुद्धिमत्ता के दम पर कामयाबी का एक इतिहास रच डाला !
जिन्होंने अपने हठ और ज़िद्द से कामयाबी को अपना गुलाम बना लिया और अपने माथे की लकीरों को बादशाह सिकंदर के “पारस” जैसा बेशकीमती और अनमोल कर लिया !
उपर लिखे गए शब्दों को पढ़कर अवश्य ही पुराने पाठकों के ज्ञान चक्षुओं में स्मृति ताज़ा हो गई होगी किन्तु नये पाठकों को बताना जरूरी है कि मैं जशपुर के व्यापार जगत में सफलता का पर्याय माने जाने वाले “युगपुरुष” स्व. श्री हनुमान प्रसाद जैन जी की बात कर रहा हूं, जिनके देवलोक गमन को आज पुरे एक बरस बीत गए हैं !




और आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके सुपुत्रों तथा उनके अपनों के द्वारा “स्व. श्री” के प्रथम छत्तीसगढ़ निवास ” सन्ना ” के प्रांगण में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है जिसमें सम्पूर्ण पाठक्षेत्र से सैकड़ों की तादाद में लोगों का आगमन हुआ है !


विशाल भण्डारा (वात्सल्य भोज) प्रसाद वितरण स्वयं “स्व.श्री” के परिवार जन एवं सन्ना निवासरत जैन समुदाय के अग्रणी अपने हाथों से कर रहे हैं, प्रातः 10 बजे से प्रारंभ भण्डारा दोपहर के 02 बजे तक अपने चरम पर पहुंच गई है ! हजारों के तादाद में “सेठजी” के चाहने वाले मानों जनसैलाब की तरह “उनके” सन्ना प्रांगण तक पहुंच रहे हैं और श्रद्धापूर्वक भण्डारा का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं !
आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने में श्री संजय पाटोदी जी जशपुर श्री प्रकाश जैन जी गंगवाल जशपुर श्री अजय जैन जी कुनकुरी सन्ना निवासी श्री शांतिलाल जैन जी श्री सुनील जैन जी श्री राजु जैन जी श्री बम्बईया खान जी श्री बसंत गुप्ता जी बगीचा निवासी श्री सज्जन जैन जी ब्रजेश गुप्ता (छोटु) जी का अतुलनीय योगदान रहा है !
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में स्व.श्री के सुपुत्र श्री दिलीप जैन बहु श्रीमती सीमा जैन पोते रचित जैन एवं मौलिक जैन जी बिते कल से ही अपना सम्पूर्ण समय सन्ना में दे रहे हैं !

ख़बर लिखे जाने तक श्रद्धालुओं की भीड़ में लगातार इजाफा होता नज़र आ रहा है !








