✍️ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सरगुजा संभाग अंतर्गत अति संवेदनशील जिलों की श्रेणी में शुमार, झारखण्ड राज्य एवं छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में बसा बलरामपुर जिला जहां इन दिनों 9 कुण्डीय महायज्ञ एवं वनवासी श्री राम कथा का आयोजन आचार्य श्री सत्यानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में सम्पन्नता की ओर अग्रसर है !

जिला मुख्यालय बलरामपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है दुरस्थ वनांचल गांव “कंदरी” जहां भगवान श्री राम जी का अति प्राचीन मंदिर है, इसी प्राचीन श्री राम मंदिर में उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया है !

10/05/2024 को भव्य कलश शोभायात्रा निकालकर आयोजन का शुभारंभ हुआ था जिसमें कांशी एवं प्रयागराज से पधारे ब्राम्हण विद्वानों के द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पुजन अर्चन किया गया !

आयोजन में प्रतिदिन भिन्न-भिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का समावेश होता रहा जिसके सुनने और देखने का पुण्य हजारों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया, आयोजन कर्ताओं के द्वारा प्रतिदिन प्रसाद स्वरूप भण्डारा वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई थी जिसके कारण दुर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की परेशानियां नहीं हुईं !

कार्यक्रम के अंतिम दिवस “घर वापसी अभियान” की रुपरेखा निर्धारीत की गई थी जिसमें सनातन धर्म को त्यागकर अन्यत्र भटकते लोगों को पुनः सनातनी मुख्य मार्ग से जोड़ना था, जिसके लिए बलरामपुर जिले के कंदरी गांव पहुंचे धर्मध्वजा वाहक, हिन्दुत्व रक्षक योद्धा, जन जन के नायक, अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के राष्ट्रप्रमुख कुमार प्रबल प्रताप सिंह जुदेव !

कुमार प्रबल प्रताप सिंह जुदेव जिन्होंने सम्पूर्ण भारतवर्ष की परिक्रमा करते सनातनी मुख्य मार्ग से भटक चुके हजारों परिवारों के लाखों लोगों की पांव पखारकर (धोकर) उन्हें पुनः सनातन में सम्मिलित कर सनातनी हिन्दू होने का गौरव दिलाया है !

9 कुण्डीय महायज्ञ एवं वनवासी श्री राम कथा आयोजन के अंतिम दिवस एक बार फिर हिन्दुत्व के धर्मध्वजा वाहक कुमार प्रबल प्रताप सिंह जुदेव जी ने सनातनी मुख्य मार्ग से भटक चुके 50 परिवारों के लगभग 120 लोगों की स्वयं अपने हाथों से उनके पांव धोकर पुनः सनातन धर्म में वापसी कराया है !
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक श्री हनुमान जी महाराज रहे एवं सम्पूर्ण कार्यक्रम आचार्य श्री सत्यानंद जी महाराज के सानिध्य तथा मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ !








