✍️ हल्लाबोल छत्तीसगढ़ वेब पोर्टल के माध्यम से आज तलक पाठकों ने सिर्फ जशपुर जिले के पाठ क्षेत्र में होने वाले भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारीयों के पोल खोल की खबरें पढ़ीं हैं, पर आज मैं पाठकों से प्रदेश की राजधानी में वर्षों से जमे हुए एक ऐसे भ्रष्ट आबकारी विभाग के बाबू की दास्तां बयां कर रहा हूं जिन्हें शायद राजनीतिक अमरत्व का वरदान प्राप्त है तभी तो कांग्रेस की सरकार में भ्रष्ट साबित हो चुके हैं पर भाजपा की सरकार में भी कुर्सी पर जबरजस्त पकड़ बनाकर रखी है और उनकी मनमानी अनवरत जारी है !
सर्वविदित है पूर्ववर्ती सरकार में आबकारी विभाग अपने कारनामों के लिए प्रख्यात था पर नई सरकार बनते ही भ्रष्टाचार के मामलों में कई उच्चाधिकारियों और उनके संरक्षक दिग्गज कांग्रेसी सलाखों के पीछे पहुंचाए गए ! विष्णु सरकार के इन कड़क कार्यवाहियों को देखकर लगा जैसे सुशासन आ गया है और आबकारी विभाग में कुंडली मारे बैठे सभी भ्रष्टाचारी अब हवालात में नजर आएंगे किंतु फिर वही ढाक के तीन पात !
ऐसा इसलिए लिखना पड़ रहा है क्योंकि बिलासपुर के आबकारी विभाग पदस्थ “एक बाबू” कई दिग्गज उच्चाधिकारियों पर भारी नजर आ रहा है, जबकि संबंधित “बाबू” के पास एसीबी के छापे में काली कमाई की करोड़ो की संपति मिली पर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई !
जानकारों के कथन अनुसार बिलासपुर के आबकारी विभाग को भगवान कुबेर का कृपापात्र यही भ्रष्ट बाबू संचालित कर रहा है और उस पर संचनालय में पदस्थ एक उच्चाधिकारी की खास मेहरबानी है !
बिलासपुर आबकारी विभाग में पदस्थ लिपिक दिनेश कुमार दुबे के खिलाफ छह वर्ष पूर्व आय से अधिक संपत्ति का मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज की गई थी, आबकारी सहायक आयुक्त कार्यालय में पदस्थ दिनेश कुमार दुबे के पास से करीब 5 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली थी !
ज्ञातव्य हो कि दिनेश कुमार दुबे मूलरूप से मस्तूरी के पास ग्राम पाराघाट का निवासी है, वर्ष 2009 में उसने प्रशासनिक सेवा प्रारंभ की थी और विगत 9 वर्षों के अंतराल में ही करोड़ो रूपए के वारे न्यारे कर लिए !
दिनेश कुमार दुबे के विरुद्ध एसीबी को शिकायत मिली थी कि उसके पास आय से अधिक की संपत्ति है जिसे संज्ञान में लेते हुए एसीबी ने जांच की, जिसमें दिनेश कुमार दुबे के पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति मिली !
जांच में 4 आलीशान मकान मिले, कुदुदंड में 12 सौ स्क्वेयर फीट की दो मंजिला इमारत व 1 हजार स्क्वेयर फीट की सड़क किनारे का मकान, गंगानगर व भारती नगर में 2-2 हजार स्क्वेयर फीट के मकान, पत्नी के नाम पर चकरभाठा में 2 एकड़ जमीन, भारतीय स्टेट बैंक में चार ज्वाइंट एकाउंट, हर एक में 9 लाख रुपए पाए गए थे कुल मिलाकर दिनेश कुमार दुबे की कुल संपत्ति करीब 5 करोड़ रुपए आंकी गई थी, इसके अलावा पैतृक गांव में दो एकड़ जमीन भी है और इतना ही नहीं दुबे की बेटी ने भारी-भरकम पैसा देकर यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है !
खाश बात तो यह है कि एसीबी की जांच में भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद भी आरोपित दुबे निलंबित नहीं हुआ, जबकि नियमतः बेनामी संपत्ति के मामले में तत्काल इस बाबू पर कार्रवाई करते हुए बर्खास्त किया जाना था, मगर ना जाने क्या कारण है कि आबकारी विभाग के शिरस्थ अधिकारी भी इस बाबू के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरत रहे हैं !
बीते 7 वर्षो से यह बाबू बिलासपुर में ही पदस्थ है, उसके खिलाफ अनेकों आरोप लगे हैं पर आज तक उसे कोई हिला भी नहीं सका !
प्रदेश में सत्ता बदल गई और ‘विष्णु के सुशासन’ वाली सरकार आ गई है खाश बात तो यह है कि आबकारी विभाग प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय जी के पास ही है किन्तु सुशासन की सरकार के नाम को ठेंगा दिखाने वाला यह बाबू अभी भी कुर्सी पर अपनी जकड़ बनाए हुए है !
अब श्री विष्णु देव साय जी जैसे यशस्वी मुख्यमंत्री के रहते भी यदि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई अगर नहीं करती है तो भ्रष्टाचार अपने चरमोत्कर्ष पर होगी और सरकार के प्रति लोगों में अविश्वास बढ़ेगा !








