जशपुर जिले के तहसील सन्ना का अधिनस्थ गांव धौरा पाठ जहां विगत 4 दिनों से मातम पसरा हुआ है, कारण गांव के एक नौजवान युवक श्रवण कुमार यादव का असामयिक मृत्यु होना !
श्रवण कुमार यादव अपने परिवार का एकलौता कमाऊ पूत था जिसने अपने बुद्धि बल के उचित प्रयोग से जंगल में बसे धौरा पाठ जैसे गांव से निकलकर अपने लगन और मेहनत के दम पर सन्ना में एक अच्छे इमानदार व्यापारी के रुप में अपनी पहचान बनाई थी ! सन्ना वासियों के अनुसार श्रवण यादव अत्यंत मिलनसार और मृदुभाषी ईमानदार युवा था !
तहसील मुख्यालय सन्ना के यात्री वाहन विराम स्थल पर फलों सब्जियों की दुकान का संचालन करते हुए मृतक श्रवण यादव ने अपनी व्यवहार कुशलता से बहुत ही कम समय में क्षेत्रवासियों के बीच अपनी पहचान बनाई थी !
और अचानक से श्रवण यादव जैसे ज़िन्दा दिल नौजवान का खुदकुशी कर लेना कहीं न कहीं पाठक्षेत्र में पसरी कुरीतियों की ओर इशारा करती है !

तहसील मुख्यालय सन्ना के चौक चौराहों में चल रहे चर्चाओं की अगर मानें तो मृतक श्रवण कुमार यादव का प्रेम संबंध वर्षों से अपने ही गांव पाठ की एक विवाहिता के साथ था जो उसके खुदकुशी का कारण बना ,,आइए समझते हैं श्रवण कुमार यादव के आत्महत्या के कारणों को, समझते हैं सिलसिलेवार ढंग से घटनाक्रम को —– दिनांक 29 नवंबर 2024 दिन शुक्रवार हमेशा की तरह मृतक श्रवण यादव सन्ना स्थित दुकान संचालन के लिए धौरा पाठ अपने निवास से मोटरसाइकिल वाहन के द्वारा लगभग सुबह के 8:30 बजे निकलता है !
घर से निकलने के लगभग आधे घंटे के बाद, समय 9:13 मिनट में अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालता है जिसमें उक्त विवाहिता के साथ खिचाएं गए कुछ अंतरंग तस्वीरों को साझा करते हुए अपने अंतर्मन में चल रहे द्वंद्वों को लिखता है कि उस विवाहिता के लिए उसने क्या किया और समाज के दबंगों के द्वारा उसे कैसे आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा है ! अपनी मौत का जिम्मेदार वह समाज के उन दबंगो को लिखता है साथ ही अपने बहनोइयों को परिवार की जिम्मेदारी लेने संबंधित निवेदन करते हुए सम्हालने की बात लिखकर दोस्तों मित्रों से साथ ज़िन्दगी न जी पाने की माफी मांगता है !
फेसबुक वाल पर पोस्ट करने के लगभग 03 मिनट के बाद 09:16 में श्रवण यादव का मोबाइल स्विच ऑफ हो जाता है !
जैसे ही फेसबुक पोस्ट पर उसके दोस्तों, रिश्तेदारों की नज़र पड़ती है तो आए दिनों में उसके साथ घटित घटनाक्रम को जानने वालों में खलबली मच जाती है, आनन-फानन में श्रवण कुमार यादव के परिजनों द्वारा थाना सन्ना में रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है फिर शुरू होता है श्रवण की तलाश का सिलसिला !

सन्ना पुलिस विभाग, श्रवण यादव के परिजन, उसके दोस्तों के अलावा फेसबुक पोस्ट पर जिन्हें श्रवण यादव ने अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है उन दबंगो की टोली भी श्रवण यादव की तलाश में जंगल की ख़ाक छानने लगी ! इस बीच शनिवार के दिन 30 नवम्बर को श्रवण यादव द्वारा फेसबुक अकाउंट पर किया गया पोस्ट डिलीट यानी मिट जाता है पर पोस्ट डिलीट करवाने वाले को ये भान होना चाहिए कि श्रवण यादव के मित्रों ने उस फेसबुक पोस्ट्स के स्क्रीन शॉट लेकर सुरक्षित रख लिया है ताकि श्रवण को न्याय मिलने में किसी प्रकार की अड़चनें न हों!
बहरहाल दो दिनों के गुज़र जाने के बाद रविवार की शाम मृतक श्रवण यादव के एक सखा द्वारा घने जंगलों के बीच गाड़ाकोना नामक स्थान में एक ऊंचे वृक्ष की डाली पर श्रवण यादव का मृत शरीर फांसी के फंदे से टंगा हुआ पाया गया, परिजनों के द्वारा इस बात को तत्काल पुलिस प्रशासन संज्ञान में डाला गया किन्तु रात में अंधेरे के अलावा घने झाड़ झखाड़ वाले जंगल में होने के कारण श्रवण कुमार यादव के मृत शरीर को सोमवार 02 दिसंबर को जंगल से लाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया हो जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया !

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मृतक श्रवण यादव के फेसबुक पोस्ट पर जिन्हें मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है वे पाठक्षेत्र से फरार बताए जा रहे हैं, जशपुर पुलिस की स्पेशल टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगी हुई है किन्तु अभी तक किसी भी आरोपी के गिरफ्त में आने की कोई ख़बर नहीं है

मृतक श्रवण कुमार यादव तो अपने पिछे रोने वालों की भिड़ लगाकर चला गया पर क्या उसके परिजन, उसके दोस्त, उसके अपने उसे इंसाफ जिसका वो हकदार है दिला पाएंगे ? क्योंकि उसे खुदकुशी के लिए प्रेरित करने वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले, उसे आत्महत्या के लिए मजबुर करने वाले सभी उसी के समाज के, उसी के गांव पाठ के दबंग हैं !!








