प्रदेश की नंबर वन जिला पुलिस की छवि धुमील करने का कुत्सित प्रयास…छुट्टभैय्या नेताओं ने रचा प्रपंच…पढ़ें पूरी ख़बर

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✍️ छत्तीसगढ़ प्रदेश भर में अपनी तात्कालिक कार्यवाहियों के लिए जाना जाने वाला जशपुर जिला पुलिस अब विरोधी राजनेताओं के निशाने पर नज़र आ रहा है तभी तो मामले की सत्यता परखे बिना राष्ट्रीय स्तर के राजनेता भी जशपुर पुलिस की कार्यवाहियों पर टिका टिप्पणी करने से नहीं चुक रहे हैं!
बहरहाल आइए जानते हैं मामले का विस्तार…दिनांक 03 दिसंबर 2024 को दोपहर के करीब 03 बजे एक प्रार्थी महिला के द्वारा बगीचा थाना अंतर्गत चौकी पण्ड्रापाठ में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि 02 दिसंबर रात्रि के 11 बजे के करीब अमुक व्यक्ति के द्वारा उससे दुष्कर्म किया गया!
ज्ञातव्य हो रिपोर्ट दर्ज कराने आई महिला काफी चोटील थी जिसे देखकर प्रथम दृष्टया ही प्रतीत हो रहा था कि उसके साथ जमकर मार-पिटाई की गई है! बहरहाल महिला के रिपोर्ट को चौकी प्रभारी के द्वारा अपने आला अधिकारियों के संज्ञान में डालते हुए उनके मार्गदर्शन पर तात्कालिक रूप से कार्यवाही करते हुए आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया, बहुत से मिडिया संस्थानों ने इस ख़बर को प्रमुखता के साथ अपने बैनरों में स्थान देते हुए जशपुर पुलिस की भुरी तारीफ लिखी!
और बस यहीं से कुछ षडयंत्रकारीयों, जो शायद चौकी प्रभारी पण्ड्रापाठ से कुछ खास खुन्नस रखते हैं उनके द्वारा साजिश रचने की शुरुआत कर दी गई!
प्रार्थीया के पति को बरगलाकर जिले के उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया गया कि उसके साथ पुलिस वालों ने दुर्व्यवहार किया उससे रिपोर्ट दर्ज करने के एवज में रुपयों पैसों की मांग की गई!
बहरहाल जिले के उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी शुरू से ही थी क्योंकि मामले को उनके संज्ञान में रखते हुए ही चौकी प्रभारी के द्वारा तात्कालिक कार्यवाही की गई थी!
पर कानूनी प्रावधानों को देखते हुए जिले के उच्चाधिकारियों के द्वारा आवेदक के निवेदन पर एक जांच टीम गठित कर चौकी प्रभारी पण्ड्रापाठ पर जांच बैठाई गई है और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई होने के आसार हैं!
“हल्लाबोल छत्तीसगढ़ वेब पोर्टल” के नियमित पाठकों को पता है कि इस संस्थान के द्वारा हमेशा से ही सच को सामने लाने का प्रयास किया जाता रहा है और पाठक्षेत्र की भौगोलिक तथा सामाजिक रिती रिवाजों से वाकिफ होने के कारण एक बार फिर से हमारी टीम इस मामले की तह तक जाने के प्रयास में पण्ड्रापाठ पहुंच गई और जब गांव के निवासियों से इस मामले के बारे जब जानकारियां इकट्ठी की गई तो यहां मामला ही कुछ और नज़र आने लगा!
अप्रत्यक्ष रूप से यदि कहा जाय तो इस मामले में पुलिस को अंधेरे में रखकर जाती संबंधित फायदों का उपयोग करते हुए आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें पर्दे के पिछे से कुछ छुटभैय्ये नेताओं की कारस्तानी नज़र आ रही है!
बहरहाल 75 प्रतिशत ग्रामीणों के अनुसार मामला दुष्कर्म का है ही नहीं, नाम नहीं छापने की शर्तों पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उक्त प्रार्थी महिला का संबंध आरोपी के साथ वर्षों पुराना है जिसके कारण आरोपी और उसकी धर्मपत्नी के बीच हमेशा से ही खटपट होती रहती थी और आरोपी की पत्नी, प्रार्थीया और अपने पति के अवैध संबंध के चलते अपने मायके में आकर रहती है! गांव वालों के अनुसार 02 दिसंबर की रात्रि प्राथीया के पति ने आरोपी तथा अपनी पत्नी को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और प्राथीया की जमकर कुटाई की थी तथा आरोपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर एफआईआर करने का दबाव बनाया था!
अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की चाह में प्राथीया ने थाना चौकी में जाकर आरोपी पर एफआईआर दर्ज कराया था, जिसके बाद की घटना से पाठक भली-भांति अवगत हैं !
अब यहीं से शुरू हुई पाठक्षेत्र के छुट्टभैय्ये नेताओं की कारस्तानियां, प्राथीया के पति को बरगलाकर उल्टी सीधी बातें उसके दिमाग में भरकर, यहां तक कि वित्तीय सहायता कर उच्चाधिकारियों के पास चौकी प्रभारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाने भेज दिया गया! और मामले के संज्ञान में आते ही उच्चाधिकारियों के द्वारा जांच कार्रवाई प्रारंभ करा दी गई है!
बहरहाल हमारे टीम के द्वारा जो पड़ताल की गई है उसके मुताबिक थाना चौकी पण्ड्रापाठ के सभी कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का पुरी निष्ठा के साथ पालन किया है, और महिला, संबंधित मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तात्कालिक कार्यवाही कर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में घटना दिनांक के 24 घंटो के अंदर भेज दिया है! इसलिए षडयंत्र कारित कर चौकी प्रभारी पर लांछन लगाने का उनका प्रयास यहीं विफल होता नज़र आ रहा है!
ख़ास बात तो यह है कि कुछ लोग जो पण्ड्रापाठ चौकी की कार्यवाहियां अपने मुताबिक चलाने की चाहत रखते हैं, जिसे चौकी प्रभारी के द्वारा दरकिनार कर दिया जाता रहा है, बस ये उन्हें के दिमाग की उपज है कि किसी तरह साम दाम दण्ड भेद का प्रयोग कर चौकी पण्ड्रापाठ से इमानदार कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों को भगा दिया जाय ताकि पाठ में उनका वर्चस्व कायम रहे !

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