✒️सक्ती जिले के हसौद में बने शासकीय रेस्ट हाउस अधिकारियों का घर बन गया है, केवल विश्राम करने के लिए बने इस रेस्ट हाउस में कई महीनों से अधिकारी का कब्जा है !
यहां के गेस्ट हाउस पर जिसका कब्जा है, वह हसौद नायब तहसीलदार भीष्म पटेल है जो पिछले साल भर से रेस्टहाउस में कब्जा किए बैठे है वैसे तो शासन से इन्हें मकान का किराया मिलता होगा, लेकिन मुफ्त के जुगाड़ में रहकर इसे भी बचाने की कवायद में रेस्ट हाउस को ही अपना मकान बना चुके हैं।
गौरतलब हो कि किसी भी शहर का रेस्ट हाउस वहां आने वाले व्हीआईपी, बड़े अधिकारी और विशेष अतिथियों के अस्थायी रूप से ठहरने का ठिकाना होता है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विधायक से लेकर तमाम अधिकारियों के लिए नाममात्र का शुल्क देकर यहां रुकने की यहां व्यवस्था होती है।

लेकिन सक्ती जिला के हसौद में बने रेस्टहाउस में नायब तहसीलदार ने स्थायी कब्जा कर लिया है, वहीं जिले मे बने रेस्ट हाउस में ऐसी अव्यवस्था को रोकने के लिए कलेक्टर द्वारा सत्कार अधिकारी की नियुक्ति की जाती है किंतु जिला प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है !
अब देखना यह होगा कि इस ख़बर के प्रकाशन के बाद क्या जिला प्रशासन नायब तहसीलदार महोदय से हसौद विश्रामगृह को कब तक खाली कराती है !








