विराट हिन्दू सम्मेलन सारंगढ़
✍️ माँ समलेशवरी की पावन धरा सारंगढ़ में आज विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में परम पूजनीय अजय उपाध्याय जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस पावन अवसर पर 140 धर्मांतरित बंधुओं की अखिल भारतीय घरवापसी सम्पन्न हुई।

इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रमुख अतिथि श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उपस्थित होकर सभी 140 धर्मांतरित बंधुओं के पैर पखारकर उन्हें विधिवत सनातन धर्म में वापस स्वागत किया।

अपने उद्बोधन में श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी ने कहा “माँ समलेशवरी की इस पवित्र भूमि पर आज धर्म की पुनःस्थापना का एक गौरवशाली क्षण है। सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक उत्कृष्ट पद्धति है जो समरसता, प्रेम और सत्य के मार्ग पर अग्रसर करती है।” प्रबल जी ने कहा “यह घरवापसी हम परम पूजनीय कार्तिक उराव जी को समर्पित करते हैं जिनकी कल जयंती थी, उन्होंने अपना पूरा जीवन जनजाति समाज के संस्कृति के संरक्षण एवं उनके हक के लिए संघर्ष किया !

उन्होंने आगे कहा कि –
“पूज्य पिताजी कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी द्वारा प्रारंभ किया गया घर वापसी अभियान हमारे जीवन का आधार है, और हम इसे जीवन पर्यंत आगे बढ़ाते रहेंगे। यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक राष्ट्र निर्माण कार्य हैं जो हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान का प्रतीक है।”

कार्यक्रम में घर वापसी छत्तीसगढ़ प्रांत की संयोजिका श्रीमती अंजू गबेल जी का विशेष सहयोग रहा. उन्होंने अपने भाषण में कहा ” छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति के लिए एकजुटता से कार्य करने की आवश्यकता हैं “

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री संजय भूषण पांडेय, अध्यक्ष जिला पंचायत ( सारंगढ़ ) ने की।
मुख्य मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथियों में –
– श्री राजकुमार चौधरी, प्रान्त प्रमुख धर्मजागरण
– श्रीमती मेहर बाई नायक, स्वाध्याय प्रमुख। – केराबाई मनहर,पूर्व विधायक
– श्री ज्योति पटेल, जिलाध्यक्ष भाजपा
मुक्ता वर्मा
उषाकला रेख बाई रामनामी,
श्री गुलाराम रामनामी
आचार्य श्रीराम भगत रामनामी
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
– कार्यक्रम को सफल बनाने युवा टीम में मुख्य रूप में रवि तिवारी, किशन गुप्ता, इशांत शर्मा, धीरज सिंह एवं अन्य उपस्तिथ रहें.
कार्यक्रम का सफल संचालन अमित गोगले द्वारा किया गया।

इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने धर्म, समाज एवं राष्ट्र की एकता के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।








