आखिर क्यों ग्राम पंचायत सन्ना…पढ़ें पूरी ख़बर

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✍️ वर्तमान में जशपुर जिले का सबसे ताबड़तोड़ ग्राम पंचायत सन्ना “ताबड़तोड़” इसलिए क्योंकि जिस गति और जिस प्रकार की घटनाएं ग्राम पंचायत सन्ना क्षेत्र में घटित हो रही हैं या होतीं हैं, सम्भवतः छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसी भी ग्राम पंचायत में नहीं घटती होंगी !

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उदाहरणार्थ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ग्राम पंचायत सन्ना के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने 03/03/2025 को बहुत ही भव्य आयोजन के साथ सपथ ग्रहण किया था, और सपथ ग्रहण समारोह में मौजूद हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति में ग्राम पंचायत सन्ना को विकास की राह में सरपट दौड़ाने का वादा किया था ! सिर्फ़ वादा ही नहीं अपितु नवनिर्वाचित पंचों एवं सरपंच ने विकास कार्यों की शुरुआत कर दी थी पर क्षेत्रीय राजनेताओं को सन्ना में विकास की बहती बयार शायद नागवार गुजरी तभी तो पंचायत पदाधिकारियों पर मनमानी कार्य करने जैसे कुत्सित आरोप लगने लगे, किसी न किसी बहाने पंचायत में हो रहे विकास कार्यों को बाधित किया जाने लगा, ग्राम पंचायत में जनमत प्राप्त कर आए जन प्रतिनिधियों पर मिथ्या आरोप लगाकर ख़बर बाजी कर जिले के उच्चाधिकारियों एवं उच्च पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों के नजरों में ग्राम पंचायत सन्ना के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की छवि धुमिल करने का प्रयास किया जाने लगा पर “सांच को आंच नहीं” वाले तर्ज़ पर सभी मिथ्या आरोपों को निराधार साबित करते हुए जनप्रतिनिधि पुनः नये ऊर्जा से ओतप्रोत होकर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को गति देने के प्रयास में जुट गए परन्तु अब ग्राम पंचायत सन्ना में विकास कार्यों को बाधित करने का नया पैंतरा मैदान में उतार दिया गया !
ग्राम पंचायत सन्ना को नवनिर्वाचित ऊर्जावान जनप्रतिनिधि मिले अभी साल भर भी नहीं गुज़र पाया है और ग्राम पंचायत रुपी वृक्ष में तना की भुमिका निभाने वाले मुख्य पदाधिकारी “ग्राम पंचायत सचिव” को ही टिकने नहीं दिया जा रहा, ज्ञातव्य हो सपथ ग्रहण समारोह को गुज़रे अभी साल भी नहीं बिता और ग्राम पंचायत सन्ना के मत्थे तिसरे सचिव महोदय को प्रभार ग्रहण के लिए भेज दिया गया था किन्तु पंचायत पदाधिकारियों ने एक मत होकर नये आए सचिव महोदय को प्रभार देने से मना कर दिया ! यदि नज़रिया सही रखकर देखा जाय, तो सही भी है क्योंकि किसी भी ग्राम पंचायत में यदि सचिव को तटस्थ रहने नहीं दिया जाय तो उस ग्राम पंचायत में किसी भी स्थिति में विकास कार्य सम्भव नहीं है, क्योंकि सचिव ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की मुख्य कड़ी होता है यदि सचिव तटस्थ नहीं है तो नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार से प्रदत्त योजनाओं की सही और सटीक जानकारी ही उपलब्ध नहीं हो पाएगी, और अगर जानकारियां ही नहीं होंगी तो विकास कहां से होगा !
बहरहाल ग्राम पंचायत सन्ना में बदलती परिस्थितियों ने कई सवालों को जन्म दिया है, आखिर कौन हैं वो जिन्हें ग्राम पंचायत सन्ना में होने वाले विकास कार्यों से परेशानी होती है ? क्या कभी ग्राम पंचायत सन्ना विकास की राह पर चल पाएगा ? कहीं पंचायत चुनाव के समय उत्पन्न हुई राजनैतिक प्रतिद्वंदता तो इसका कारण नहीं या क्षेत्रीय राजनेताओं की किसी जनप्रतिनिधि से व्यक्तिगत विद्वेष तो बाधक नहीं हो रहा ? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब ग्राम पंचायत सन्ना क्षेत्र की जनता जानना चाहती है, पर यहां भी सवाल खड़ा होता है कि जवाब आखिर देगा कौन ???

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