जिला जशपुर ✊
✍️ प्रदेश में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साय जी की सरकार ने धान खरीदी की मियाद बढ़ा दी है, सरकार के इस निर्णय से किसान उत्साहित हैं !

धान खरीदी केन्द्रों में माल वाहक वाहन कतारों में खड़े हैं भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही,, जिले में वैसे तो सभी धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की सुविधा का विषेश ध्यान रखा गया है पर विकासखण्ड मुख्यालय बगीचा के पण्ड्रापाठ स्थित धान खरीदी केंद्र में किसान परेशानियों के बीच जद्दोजहद करते नज़र आते हैं
यही नहीं पण्ड्रापाठ धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों, पदाधिकारियों की लापरवाही कि हद तो तब हो गई जब कल की हुई बारिश में सैकड़ों बोरी धान भींगता रहा और कर्मचारी नदारद रहे ! वो तो गनीमत रही कि धान से भरी बोरियों को बारिश में भींगते देखकर पण्ड्रापाठ के ही एक जागरूक नागरिक “बिडियो राम जी” ने मंडी के कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई तब जाकर धान को बारिश से बचाने की कवायद शुरू हुई !
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धान की सैकड़ों भीगी हुई बोरियों को प्रबंधक के द्वारा आनन फानन में सुखे बोरियों के बीच डलवा दिया गया जिससे सुखे बोरियों की भी भींगने की संभावना बढ़ गई !
अब सवाल यहां यह उपज रहा है कि क्या सरकार धान खरीदी केन्द्रों में प्राकृतिक आपदा से निपटने की व्यवस्था प्रबंधकों को नहीं देती है या सरकार के द्वारा दी गई सुविधाओं, व्यवस्थाओं को प्रबंधक कहां प्रयोग में लाते हैं !
सुत्रों की मानें तो पुरे जिले में जितने भी धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं उन सबमें सबसे ज्यादा दयनीय परिस्थिति पण्ड्रापाठ खरीदी केंद्र की है यहां किसानों से दुर्व्यवहार से लेकर गोबर तक की वसूली धड्डले से की जाती रही है, यहां के प्रबंधक महोदय के द्वारा मिडिया वर्कर्स को फोटो विडियो तक बनाने से रोका जाता है साफ शब्दों में कहा जाय तो प्रशासनिक मानकों को दरकिनार कर यहां के प्रबंधक सिर्फ और सिर्फ अपने हिसाब और व्यक्तिगत फायदे को लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं !
बहरहाल अब देखना है कि सरकार के आला अधिकारी इन जैसे दबंग प्रबंधकों पर क्या कार्यवाही करते हैं, या फिर गरीब ग्रामीणों को जिनकी पेट की आग सरकार से मिलने वाले 35 किलो चावल से बुझती है उन्हें भीगे हुए धान के कुटे गए चावल से ही काम चलाना पड़ेगा !
Author: Hallabol Chhhattisgarh
Post Views: 308








