✒️ बलरामपुर जिला के कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचयात पूंदाग के भूताहि पारा के दो पहाड़ी कोरवाओ से इंजीनियर के द्वारा जन-मन आवास योजना के अन्तर्गत पैसा खाते में डलवाने के नाम पर 5000/5000हजार रुपए लिया गया !
आपको बता दे कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगो के लिए, शासन के द्वारा समय- समय पर नि:शुल्क अनेको सुविधा दिए जाते है, पर उन सुविधाओं को पाने के लिए पहाड़ी कोरवाओ को शुल्क देना पड़ता है, या यू कहे कि विभागीय अधिकारियो से अपने हक़ कि सुविधा प्राप्त करने के लिए पहाड़ी कोरवा को एक रकम देना पड़ता है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है,
शासन ने भले ही पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगो को अच्छी शिक्षा स्वास्थ्य आवास व अनेको सुविधा मुहैया कराती है, पर इन सब सुविधा कागजो में ज्यादा देखने को मिलते है, और जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और है, अब तो हालात यह है कि, प्रधानमंत्री जन मन आवास के रूपये भी अपने खाते में डलवाने के लिए घुस देना पड़ रहा है।

इसी तरह का मामला ज़ब हमारे संज्ञान में आया, तो हमने ग्राउंड जिरो पर जा कर देखा, और टिमन कोरवा व उसके भाई रमना कोरवा से बात कि, तो उनके द्वारा बताया गया कि कुसमी जनपद में पदस्थ इंजीनियर राम प्रताब लकड़ा ने, प्रधानमंत्री जन मन आवास का रूपये खाते में डलवाने के नाम से, हम दोनों भाइयो से 5-5 हजार रूपये लिए,और इंजीनियर बोले कि रूपये दोगे तभी खाते में रूपये डलाएगा,नही तो नही डलाएगा,हम लोग जंगल में रहने वाले लोग है, हमारे यहा आ कर मांगते है तो हम डर से दे देते है,शासन भले ही आवास निर्माण के लिए हितग्राहियो के खाते में रूपये डालता है, जिससे आवास अच्छा बन सके, पर कुछ अधिकारियो कि वजह से यह सफल होते नही दिख रहा है, जब अधिकारी ही आवास के नाम से हजारों रूपये लेंगे, तो हितग्राही कैसे अच्छा आवास बना पाएगा, यह एक चिंता का विषय है,

जब हमारे रिपोर्टर ने इंजीनियर राम प्रताप लकड़ा से पहाड़ी कोरवा से रूपए लेने के सम्बन्ध में बात करनी चाही पर उनके द्वारा ईस सम्बन्ध में कोई बात नही कि गई, ईस कारण उनका पक्छ नहीं लिखा गया है।
अब देखना यह है कि, क्या खबर प्रकाशन होने के बाद जिले में बैठे उच्च अधिकारी आवास के नाम पर ठगी करने वाले, इंजिनियर पर जांच करा कर कार्रवाही करते भी है या नही।








