✍️प्रदेश भर में इन दिनों घटनाक्रमों की बाढ़-सी उतर आई है, शांति और अमन के लिए जाना जाने वाला जशपुर जिला भी जिसकी चपेट में आ चुका है ! ज्ञातव्य हो विगत दिनों जशपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायिका श्रीमती रायमुनी भगत के एक समुदाय विशेष की आस्था पर कथित टिप्पणी को लेकर जिले का माहौल कुछ हद तक असामान्य रूप में आ चुका है !

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायिका महोदया के द्वारा विगत कुछ दिनों पहले आस्ता थाना क्षेत्र के ग्राम ढेंगनी में आयोजित एक कार्यक्रम में ईसाई धर्म और धर्मान्तरण को लेकर कुछ ऐसी विवादास्पद टिप्पणी की गई थी जिससे ईसाई धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है !

जिसको लेकर ईसाई समुदाय के अग्रणी बुद्धिजीवियों के द्वारा जिले भर के विभिन्न थानों में विधायिका के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की शिकायत पत्र दी गई हैं, परन्तु आज पर्यंत तक इस मामले में प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है जिससे ईसाई समुदाय के लोगों में एक आक्रोश सा पनप रहा है जिसकी झलक कल जिले के सड़कों पर नज़र आई !

हालांकि कल से पहले भी ईसाई समुदाय के आक्रोश की सुगबुगाहट राष्ट्रीय राजमार्ग पर 130 किलोमीटर मानव श्रृंखला के रूप में दिख चुकी है !

इसी कड़ी में इंसाफ़ की चाह लेकर प्रभु येशु मसीह के अनुयायियों ने दिनांक 25/10/2024 दिन शुक्रवार से न्याय पदयात्रा निकाली है जो आस्ता के अम्बाकोना से लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय जी के गृह ग्राम बगीया तक पहुंचेगी, जहां समुदाय विशेष के अग्रणी लोगों के द्वारा जशपुर विधायक पर कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम कैंप में ज्ञापन सौंपी जाएगी !

ईसाई धर्मावलंबियों की न्याय पदयात्रा कल जिला मुख्यालय की सड़कों से गुजरती हुई जैसे ही लोरो घाटी तक पहुंची तो सुरक्षा के दृष्टिगत प्रशासन के द्वारा बैरीकेडिंग करके पदयात्रियों को रोक दिया गया! इस दौरान जब पदयात्रियों के द्वारा बैरिकेड तोड़कर आगे जाने का प्रयास किया गया तब पुलिस प्रशासन के द्वारा बल प्रयोग के रुप में वाटर कैनन का प्रयोग किया गया जो जशपुर जिले के इतिहास में प्रथम बार हुआ !


प्रशासन और पदयात्रियों के बीच काफ़ी वक्त तक नोंक-झोंक चलती रही जिसके बाद पदयात्रियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर चक्काजाम कर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करना प्रारंभ कर दिया जहां जिले के पुलिस अधीक्षक महोदय श्री शशि मोहन सिंह जी के अथक प्रयास और समझाइश के बाद लोरो घाट के माहौल में कुछ नमी नजर आई !

बहरहाल ईसाई धर्मावलंबियों की मांग पर शासन प्रशासन को गहन चिंतन करने की आवश्यकता है साथ ही ऐसे विकल्प की तलाश करनी होगी जिससे जिले के सामाजिक सौहार्द में किसी प्रकार की कटुता ना पनपने पाए !

बहरहाल ख़बर लिखे जाने तक न्याय पदयात्रा कुनकुरी नगर को पार करते हुए बगीया की ओर अग्रसर है सुत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य मार्ग में इस नदी के करीब प्रशासन के द्वारा पदयात्रियों को रोकने के ध्येय से बैरिकेडिंग की गई है अब आगे क्या होगा या होना है ये भविष्य के अधर में है










