✍️प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के गृह जिले जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही और जिले भर में जम चुके झोलाछाप डॉक्टरों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों के कारण एक और गरीब परिवार न्याय के लिए दर दर भटकने पर मजबुर हो गया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड बगीचा के ग्राम पंचायत सरडीह के निवासी जितेंद्र एक्का के द्वारा अपने पिता की मृत्यु के लिए दुर्गापारा बगीचा में निवासरत एक प्राइवेट डॉक्टर कृष्णा बंगाली को जिम्मेदार ठहराते हुए थाना बगीचा और स्वास्थ्य विभाग बगीचा में बार-बार मौखिक शिकायत की गई किन्तु आज पर्यंत तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई ।
जिसके कारण निराश होकर जितेंद्र ने अब जशपुर जिले के यशस्वी कलेक्टर महोदय श्री रोहित व्यास जी एवं जशपुर पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह जी को लिखित में जानकारी देकर न्याय की गुहार लगाई है तथा संबंधित मामले में संलिप्त सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।

????घटना का पूरा विवरण????
जितेंद्र एक्का के अनुसार उनके पिता स्वर्गीय नैहर साय एक्का को 24 जून 2024 की संध्या बेला से सर्दी – खांसी की शिकायत हुई थी । 25 जून प्रातः काल पड़ोसियों के द्वारा उसे बगल गांव दुर्गापारा में निवासरत प्राइवेट डॉक्टर कृष्णा बंगाली के बारे में पता चला, तत्पश्चात दुरभाष माध्यम के द्वारा डॉक्टर से संपर्क करने के बाद सुबह के लगभग 09 बजे डॉक्टर कृष्णा बंगाली उनके घर सरडीह आए और उन्होंने मृतक को तीन इंजेक्शन लगाया ! डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के लगभग 10मिनट बाद ही मृतक नैहर साय मुर्छित होकर गिर पड़े,
हालत बिगड़ने पर परिजनों के द्वारा आनन-फानन में एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें बगीचा अस्पताल ले जाया गया जहाँ उपस्थित चिकित्सकों के द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया ।
इस घटना के बाद जितेंद्र ने थाने में जाकर डॉक्टर कृष्णा बंगाली के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई पश्चात बगीचा पुलिस के द्वारा पोस्टमॉर्टेम की औपचारिकता पूरी की गई ।
अब परेशानी का सबब यह है की घटना के महिनों बीत जाने के बाद भी बगीचा सरकारी अस्पताल में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों द्वारा मृतक के पुत्र जितेंद्र को पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं सौंपा गया । परिवार कई बार इन दस्तावेजों के लिए अस्पताल गया लेकिन हर बार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा उनके साथ असहयोग का व्यवहार किया गया और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा ।
और तो और जब जितेंद्र ने बगीचा थाने में जाकर कार्रवाई की जानकारी मांगी, तो पुलिस द्वारा सहयोग करने से मना कर दिया गया और उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया ।
????क्या डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस का संरक्षण प्राप्त है ?????
जितेंद्र का कहना है कि जब उन्होंने न्याय की गुहार लगाने की कोशिश की, तो डॉक्टर कृष्णा बंगाली ने उन्हें 2 लाख रुपये लेकर मामले को रफा-दफा करने का प्रस्ताव दिया। जब जितेंद्र ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो डॉक्टर ने उन्हें धमकी दी कि “मेरा स्वास्थ्य विभाग और थाना बगीचा में पूरा सेटिंग है। तू कुछ नहीं कर पाएगा।”

????थक-हार कर जिलाधीश महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय से न्याय की गुहार ????
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से बार-बार न्याय की उम्मीद टूटने के बाद, जितेंद्र ने अब जशपुर के कलेक्टर महोदय और पुलिस अधीक्षक महोदय को लिखित में पूरी घटना की जानकारी दी है और त्वरित निराकरण की मांग की है । कलेक्टर महोदय से आग्रह किया गया है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो ।








