✍️ जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम रोकड़ा पाठ से एक बार फिर शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है !

विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10/12/2024 की रात्रि के करीब 09 बजे ग्रामीणों ने आश्रम में पदस्थ अधिक्षक को बालकों के भोजन हेतु सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चावल की एक बोरी को चोरी-चोरी अपने दोपहिया वाहन में लादकर बगीचा अपने गृह ग्राम की ओर जाते हुए देखा !
ग्रामीणों के द्वारा अधिक्षक को रोकने की कोशिश की गई किन्तु अधिक्षक वहां से चावल लेकर भागने में सफल हो गया, जिस बात को लेकर ग्रामीणजन ख़ासे आक्रोशित हैं !
उक्त घटना के दुसरे दिन सुबह जब ग्रामीण अनूसूचित जनजाति बालक आश्रम रोकड़ा में पहुंचे तब आश्रम में कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं था जिसका ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रोकड़ा के पंचायत कर्मियों, जनप्रतिनिधियों के समक्ष पंचनामा बनवाया तथा सहायक आयुक्त महोदय से पत्राचार के माध्यम से उचित कार्यवाही की मांग कर रहे हैं !


ज्ञातव्य हो कि विगत कुछ महीनों पहले इसी अजजा बालक आश्रम में जहां महामहिम राष्ट्रपति महोदय के दत्तक पुत्र समुदाय के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर आदिवासी बच्चे रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं उन्हें सड़े हुए अण्डो की सब्जी बनाकर खिलाई गई थी ! जिस बात को आश्रम में कार्यरत एक कर्मचारी के द्वारा बड़ी निर्लज्जता से कबूल करते हुए विडियो वायरल हुई थी, जिस मामले को हमारे संस्थान ने प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाने का कार्य किया था !
मिडिया संस्थानों में खबर चलने का बाद संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के द्वारा जांच नाम की चिड़िया उड़ाई गई पर आज तलक मामला जस का तस बना रहा ! देश के भविष्य कहलाने वाले बच्चों को लापरवाही पुर्वक सड़ी गली सब्जियां खिलाने वाले आश्रम अधिक्षक और उसके मातहत कर्मचारी यथावत बने रहे !

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सुशासन वाले दौर में पहाड़ी कोरवा बच्चों जिनके संरक्षक भारतवर्ष के महामहिम राष्ट्रपति जी हैं, उनके रख रखाव में इस प्रकार की घृणित लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही ना होना प्रशासनिक अधिकारियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है !
शायद संबंधित विभाग के अधिकारी इस तरह के मामलों की संवेदनशीलता को समझने का प्रयास ही नहीं करते, शायद यही वजह है जिससे दोषी कर्मचारियों को सह मिलता है और वे डंके की चोट पर बच्चों का हक मारकर अपनी जेबें भरते हैं !
भाजपा सरकार के सुशासन का दावा इन्हीं जगहों पर अपना दम तोड़ता नज़र आता है, जहां पहाड़ी कोरवा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले, उनके हक उनके अधिकारों को छिनकर खानेवाले कर्मचारियों पर कार्यवाहियां नहीं होती बल्कि उन्हें उसी जगह पर यथावत छोड दिया जाता है ! ताकि वे महामहिम राष्ट्रपति जी के दत्तक पुत्र समुदाय के बच्चों का हक मारते रहें और सबकी जेबें भरते रहें !
अब देखना होगा कि क्या इस चावल चोरी के मामले में विभाग के उच्चाधिकारी आश्रम अधिक्षक पर कुछ कार्यवाही करते हैं या नहीं ? या इस बार भी संबंधित विभाग मुक बधिर बनकर दोषियों का उत्साहवर्धन करता रहेगा ?? !








