विकास की नई गाथा गढ़ रहे ग्राम पंचायत में आस्था का हवाला देकर प्रगति को बाधित करने का कुत्सित प्रयास…पढ़ें पूरी ख़बर

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✍️जशपुर जिले के विकासखण्ड मुख्यालय बगीचा का अधिनस्थ ग्राम पंचायत एवं तहसील मुख्यालय सन्ना !
सर्वप्रथम आपको ग्राम पंचायत सन्ना की भौगोलिक स्थिति की जानकारी होना आवश्यक है ! ग्राम पंचायत सन्ना चारों दिशाओं से घने वनों जंगलों से घिरा हुआ गांव हैं, जिला मुख्यालय जशपुर के पश्चिम में लगभग 52 किलोमीटर , विकासखण्ड मुख्यालय बगीचा के उत्तर दिशा में लगभग 30 किलोमीटर वहीं सम्भाग मुख्यालय अम्बिकापुर सरगुजा के पुर्व दिशा में 101 किलोमीटर की दुरी पर खुबसूरत वादियों के बीच बसा हुआ है ग्राम पंचायत सन्ना !
आजादी के बाद से ही सन्ना अपनी उन्नति, अपनी तरक्की, अपने विकास के लिए तरसता रहा है, क्योंकि हमेशा से ही ग्राम पंचायत सन्ना की बागडोर थामने वाले हाथ सिर्फ़ कुछ रसुखदार लोगों की खिदमत तक ही ठहर कर रह गए जिसका सिला ये हुआ कि जो पैसे सरकार ने ग्राम पंचायत सन्ना के विकास और उन्नति के लिए दिए थे वे सिर्फ़ कुछ “खास” लोगों के तिजोरियों में ही फंसकर रह गए, उन पैसों को ग्रा.पं. के विकास में सहभागी होने का मौका ही नहीं मिल पाया !
बहरहाल “रात गई बात गई” बीती बातों का रोना रोने से कुछ हासिल तो होना नहीं है इसलिए बात करते हैं वर्तमान की जब ग्राम पंचायत सन्ना में जोशिले युवा जनप्रतिनिधियों की सरकार बनी है, इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सन्ना वासियों ने जोश और जुनून से भरपूर युवा नेतृत्व को भारी बहुमत से चुना और ग्राम पंचायत सन्ना के सभी वार्डों में युवा पंचों के साथ ही सरपंच के रुप में सन्ना की सौंधी महक वाली मिट्टी में सनकर पले बढ़े हुए जोशिले युवा अरविन्द कुजूर को चुनकर पंचायत की बागडोर मजबूत कांधों पे सौंप दी !
अपने नवनिर्वाचित पंचों और सरपंच से ग्रामवासियों ने सिर्फ एक ही मांग रखी और वो है ग्राम पंचायत सन्ना की उन्नति और विकास ! तो जाहिर सी बात है युवा नेतृत्व पुरे जोश और उर्जा से परिपूर्ण होकर पंचायत के विकास में जुट गई, पिछली पंचायत सरकार में जहां सन्ना वासी पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि करते थे ऐसी जटिल समस्या से नवगठित पंचायत ने सपथ ग्रहण के चंद दिनों में ही ग्रामीणों को निजात दिला दी !
साथ ही साथ युवा नेतृत्व ने सन्ना के यात्री वाहन विराम स्थल के सौन्दर्यीकरण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया जिससे सन्ना के कुछ बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया हो गया, बाजार डांढ़ क्षेत्र में युद्ध स्तर पर व्यापारिक प्रतिष्ठान भवन (कॉम्प्लेक्स) निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है जिसके पुर्ण होते ही ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई बेरोजगार युवाओं को खुद का रोजगार करने की एक मुफीद जगह मिल जाएगी, वैसे और भी कई विकास के कार्य प्रगति पर हैं, यदि गिनाने लगुं तो ख़बर बहुत लम्बी हो जाएगी इसलिए अब आते हैं मुख्य बिन्दु पर जिसके कारण ये ख़बर लिखनी पड़ी ताकि जिले के उच्चाधिकारियों तक हकीकत नुमाई हो सके !
ज्ञातव्य हो विगत कुछ दिनों पहले ग्राम पंचायत सन्ना के विकास में बाधक कुछ छुट्टभैय्यै नेताओं (जो सन्ना को अपनी जागीर समझते हैं) के द्वारा माननीय जिलाधीश महोदय को किसी द्वितीय व्यक्ति के द्वारा एक आवेदन दिलवाया गया है जिसमें उन्होंने प्रशासन को बरगलाते हुए पिढ़ियों से रहे बस स्टैंड और बाजार डांढ़ सरना को पुजा स्थल बताकर आस्था का हवाला देकर युवा सरपंच अरविन्द कुजूर पर कार्रवाई की मांग की है !
जबकि ग्राम पंचायत सन्ना के अन्तर्गत पुजा स्थल सरना खुटाटांगर काढ़ासरना और सरना टोली में स्थित है जहां सदियों से आदिवासी समुदाय पुजन अर्चन करता आ रहा है!
परन्तु ग्राम पंचायत सन्ना का हक मारने वाले, पंचायत में बैठकर पंचायत छोड़ अपना विकास और अपनी तिजोरी भरने वाले लोगों को अब सन्ना की हो रही उन्नति खटकने लगी है क्योंकि अगर सन्ना के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा तो उनकी जी हजूरी कौन करेगा, क्योंकि अगर इसी इमानदारी और गति से सन्ना विकास करेगा तो उनकी तिजोरियां कैसे भरेंगी !
बहरहाल ऐसे लोगों को अब सन्ना की जनता पहचान चुकी है वो जान चुकी है कि आज का युवा नेतृत्व ही ग्राम पंचायत सन्ना में विकास रुपी गंगा मैय्या को प्रवाहित करने में सक्षम है इसलिए सन्ना की जनता अपने ग्राम पंचायत के युवा नेतृत्व के साथ खड़ी है !

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