बगीचा/जशपुर
✍️ईद मिलाद-उन-नबी का मुबारक अवसर बुधवार को बगीचा में श्रद्धा, उल्लास और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल के साथ मनाया गया। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब की विलादत की याद में मुस्लिम समाज द्वारा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दिनभर शहर की फिजाओं में नात की मिठास, दुआओं की सादगी और मोहब्बत का पैगाम गूंजता रहा।
इस पावन अवसर पर मस्जिदों एवं विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष दुआ, नातख्वानी और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रमों में शामिल होकर देश की खुशहाली, तरक्की, सामाजिक एकता और अमन-चैन के लिए सामूहिक दुआ मांगी। दुआ के लिए उठे हाथों में धार्मिक आस्था के साथ देश की शांति और इंसानियत की मजबूती की उम्मीद भी साफ नजर आई।

तिरंगे की अगुवाई में निकला भव्य जुलूस
ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर बगीचा में निकाला गया भव्य जुलूस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की अगुवाई में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। नात और धार्मिक नारों के बीच जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से सराबोर नजर आया।

शहर के विभिन्न मोहल्लों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी एवं रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। शाम ढलते ही रोशनी से जगमगाते मोहल्लों ने मिलाद की खूबसूरती को और बढ़ा दिया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और पर्व की खुशियां साझा कीं !
मिलाद का संदेश—मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारा !

ईद मिलाद-उन-नबी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की सीरत और उनके बताए इंसानियत, रहम, प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे के रास्ते को याद करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पैगंबर साहब ने मानवता की सेवा, जरूरतमंदों की मदद, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना ही इस मुबारक अवसर की वास्तविक भावना है।
जुलूस के दौरान अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजकों ने लोगों से आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन और अंजुमन पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका
पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने में एसडीएम बगीचा, तहसीलदार बगीचा, पुलिस प्रशासन तथा अंजुमन तामिरे गौसिया मस्जिद कुरुमकेला बगीचा के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के साथ आयोजकों एवं समाज के लोगों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

ईद मिलाद-उन-नबी का यह आयोजन बगीचा में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, एकता और भाईचारे की मजबूत तस्वीर पेश कर गया। पर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मोहब्बत की भाषा हर दिल को जोड़ती है और इंसानियत की राह समाज को मजबूत बनाती है। अमन, भाईचारे और इंसानियत की यही रोशनी मिलाद के पैगाम को सार्थक करती है।






