💥आखिर किसे बचाने की कोशिश ?
सक्ती
✍️करंट लगने से हुई एक ग्रामीण की मौत का मामला अब हसौद थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राम पंचायत जमड़ी निवासी फुलेश्वरी साहू ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनके पति की मौत के मामले में पुलिस ने शिकायत में नामजद एक व्यक्ति का नाम एफआईआर दर्ज करते समय हटा दिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 17 मई 2026 को ग्राम पंचायत जमड़ी निवासी कार्तिक राम साहू के खेत में कथित रूप से लापरवाहीपूर्वक लगाए गए जीआई तार में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान उनके पति स्वर्गीय गजानंद साहू उसकी चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
फुलेश्वरी साहू का कहना है कि उन्होंने हसौद थाना में कार्तिक राम साहू और उसके पुत्र किशन साहू—दोनों के खिलाफ शिकायत दी थी और दोनों पर अपराध दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते समय किशन साहू का नाम हटा दिया, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फरियादिया का सवाल है कि यदि शिकायत में दोनों व्यक्तियों का स्पष्ट उल्लेख था, तो फिर पुलिस ने किस आधार पर एक नाम को एफआईआर से बाहर कर दिया? क्या निष्पक्ष जांच की गई थी, या फिर किसी को बचाने का प्रयास हुआ? इन्हीं सवालों के साथ उन्होंने एसपी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस अधीक्षक से शिकायत किए जाने के बाद अब पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक दुर्घटना का मामला नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटा चुका है। अब यह देखना होगा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।






