जशपुरनगर
✍️नागपंचमी के पावन अवसर पर जशपुर का रणजीता स्टेडियम इन दिनों खेलप्रेमियों के जोश और पहलवानों की हुंकार से गूंज रहा है। यहां ग्रीन नेचर वेलफेयर सोसाइटी (GNWS) द्वारा स्वर्गीय राजेश सोनी की स्मृति में भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। अखाड़े में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे पहलवान अपनी ताकत, फुर्ती और जबरदस्त दांव-पेच से दर्शकों को रोमांचित कर रहे हैं।

रणजीता स्टेडियम में सजे पारंपरिक अखाड़े में जैसे ही पहलवान आमने-सामने आते हैं, माहौल जोश से भर उठता है। कभी जोरदार पटखनी, कभी शानदार पकड़ और कभी पलभर में पलटता मुकाबला—हर दांव पर दर्शकों की तालियां गूंज रही हैं। मुकाबलों के आगे बढ़ने के साथ पहलवानों का जुनून और दर्शकों का उत्साह भी लगातार चरम पर पहुंच रहा है।

प्रतियोगिता में विजेता पहलवान के लिए 21 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार, जबकि उपविजेता को 11 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार दिया जाएगा। आकर्षक पुरस्कार राशि ने मुकाबले को और भी कांटेदार बना दिया है। अखाड़े में उतरने वाला हर पहलवान जीत के लिए पूरी ताकत झोंकता नजर आ रहा है।

कुश्ती प्रतियोगिता सीनियर और जूनियर वर्ग में आयोजित की जा रही है। दोनों वर्गों में पहलवान अपनी ताकत, तकनीक और पारंपरिक कुश्ती के दांव-पेच का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। किसी पहलवान की ताकत भारी पड़ रही है तो कोई अपनी फुर्ती और तकनीक से प्रतिद्वंद्वी को चित करने की कोशिश में जुटा है।
अखाड़े में हो रही हर भिड़ंत अपने आप में रोमांच से भरपूर है। मुकाबले के दौरान पहलवानों का जोश और दर्शकों की तालियां रणजीता स्टेडियम के माहौल को किसी बड़े खेल महोत्सव जैसा बना रही हैं।

आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ कुश्ती प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि जिले में पारंपरिक खेल और कुश्ती की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। ऐसे आयोजनों के जरिए स्थानीय और उभरते पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। साथ ही युवाओं को खेलों से जोड़कर उनमें अनुशासन, संघर्ष, मेहनत और खेल भावना विकसित करने का संदेश भी दिया जा रहा है।

नागपंचमी के मौके पर रणजीता स्टेडियम में सजा यह अखाड़ा फिलहाल जशपुर के खेलप्रेमियों के लिए रोमांच और आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। अखाड़े में पहलवानों की हुंकार और दर्शकों की तालियों के बीच हर मुकाबला यह साबित कर रहा है कि जशपुर में कुश्ती का जुनून आज भी पूरी शिद्दत से जिंदा है।







